Storybox with Jamshed Qamar Siddiqui

बदसूरती | स्टोरीबॉक्स विद जमशेद

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दो बहनों में से एक को खूबसूरती और कॉलेज में मोहब्बत मिली, जबकि बड़ी बहन को बिल्कुल साधारण शक्ल और जीवन. छोटी बहन ने जब पहली बार अपने आशिक़ का खत बड़ी बहन को दिखाया, तो बस यहीं से एक ऐसी हलचल शुरू हुई जिसने दोनों के रिश्ते की बुनियाद हिला दी. इसी एक घटना से जलन, तकरार और एक ऐसा झगड़ा जन्म लेता है जो आगे चलकर दोनों की ज़िंदगी बदल देता है, सुनिए स्टोरीबॉक्स सआदत हसन मंटो कहानी ‘बदसूरती’ जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.

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Oct 17, 2026

ये कहानी है उस शायर की जिसे एक तानाशाह ने इसलिए जेल में डाल दिया क्योंकि उसके लिखे हुए शेर आवाम को जगा देते थे, आवाम सड़क पर आकर अपने हक़ मांगने लगती थी. उस सनकी तानाशाह ने कह दिया कि इस शायर को जेल में अकेले रखो और इसे कागज़-कलम नहीं मिलने चाहिए. वैसा ही किया गया. शायर जेल में अकेले था, न कागज़ था न कलम - लेकिन कोई किसी के ख़याल कैसे छीन सकता है. उस शायर ने अपने ज़हन में शेर कहे और जब कोई उससे मिलने आता था तो उसकी सिगरेट की डिब्बी के अंदर से निकलने वाले चमकीले कागज़ पर वो शायर अपनी नज़्म, शेर, ग़ज़ल या इंक़लाबी नारा लिख देता था. और इस तरह उस शायर की आवाज़ जेल के बाहर हो रहे प्रोटेस्ट में शामिल होती रही. उसके शब्द तानाशाह के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों की आवाज़ बनते रहे. कौन था वो सनकी तानाशाह, कौन था ये शायर, इंकलाब की ये कहानी कहां की है? बता रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में.

Oct 10, 2026

नाना पाटेकर ने न कभी कोई एक्टिंग स्कूल जॉइन किया और न ही किसी को एक्टिंग का गुरु बनाया. उन्होंने ज़िंदगी की धूप में तपकर असल ज़िंदगी के एहसास को जी कर सुख और दुख को समझा, उसी के हिसाब से एक्टिंग की. नाना पाटेकर ने हर बार किरदार की बारीकियां अपनी एक्टिंग में उतारकर दुनिया को चौंका दिया. चाहे वो क्रांतिवीर हो, वजूद हो, परिंदा हो, वेलकम हो या अब तक छप्पन - हर बार उन्होंने दर्शकों को अपने काम से चौंका दिया. फ़िल्मों के अलावा नाना पाटेकर असल ज़िंदगी में भी एक बेहतरीन इंसान थे. गांव की ज़िंदगी उन्हें पसंद थी और वो हमेशा उसी माहौल में जीना चाहते थे. आज नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हैं और कुछ सुने-अनसुने क़िस्से हैं जिन्हें स्टोरीबॉक्स के इस खास एपिसोड में याद कर रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.

Oct 3, 2026

उर्दू शायर साहिर लुधियानवी ने एक बार अपने एक दोस्त को महज़ 200 रुपये उधार दिए थे. वो इसलिए क्योंकि वो शख्स बेरोज़गार था और उसके पास आखिरी 30 रुपये बचे थे, जो उसके खाने के लिए थे. वो आदमी तंगदस्ती में था, साहिर के पास पहुंचा और कुछ काम दिलवाने के लिए गुज़ारिश की. साहिर उस ज़माने पर छा चुके थे. उन्होंने उस शख्स से वादा किया कि देखते हैं कि क्या कर सकते हैं और साथ ही साथ 200 रुपये दे दिए. इस बात के साथ कि भई ये पैसे लौटा देना. ये उन्होंने इसलिए कहा ताकि लेने वाले को अहसान न लगे बल्कि उधार लगे. ये शख्स कौन था और वो 200 रुपये साहिर ने कब और कैसे वापस लिए? देखिए ‘स्टोरीबॉक्स’ का ये खास एपिसोड जिसमें क़िस्सा सुना रहे हैं जमशेद क़मर सिद्दीक़ी.

Sep 26, 2026

एक Physics Professor के कमरे में अचानक एक अजनबी लड़की आती है और दावा करती है कि वो 300 साल बाद की दुनिया से आई है. वो खुद को एक Time Traveller बताती है. Professor Tabassum पहले उसकी बात सुनकर हँस देती हैं, उन्हें लगता है कि ये किसी तरह का मज़ाक है. लेकिन जब वो रहस्यमयी लड़की धीरे-धीरे ऐसी बातें बताना शुरू करती है, जो सिर्फ़ Professor Tabassum जानती हैं, तो कहानी का हर सच बदलने लगता है और फिर बात आती है Professor के इकलौते बेटे की मौत की… आख़िर कौन थी वो लड़की और टाइम ट्रैवल को धार्मिक किताबों में ढूंढने वाली Professor ने अपने बेटे का क़त्ल क्यों था? सुनिए कहानी के आख़िरी हिस्से में.

Sep 19, 2026

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