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bhajan: tumhare sath hai shri ram
तुम्हारे साथ है श्री राम, तो किस बात की चिंता किया करते हो तुम यूं ही, सदा दिन-रात की चिंता.
उसी के हाथ में जीना उसी के हाथ में मरना, उसी के हाथ सब खुशियां, उसी के हाथ दुख भरना, अरे तुमको पड़ी क्या है, प्रभु के हाथ की चिंता...
तुम्हारे साथ है श्री राम तो किस बात की चिंता किया करते हो तुम यूं ही, सदा दिन रात की चिंता
घड़ी हो संकटों की तो करो श्री राम का सिमरन
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विजय रथ श्री जस्टिस शिव दयालजी श्रीवास्तव द्वारा रामचरितमानस से चुनी हुई चौपाइयाँ एवं दोहे, जो 'उत्थान पथ' एवं 'साधना पथ' में प्रकाशित किए गए । MP3 - माधव मुकुंद और प्रार्थना श्रीवास्तव के स्वरों में दो.- वचनकर्म मन मोरि गति भजनु करहिं निःकाम । तिन्ह के हृदय कमल महुँ करउँ सदा विश्राम ।।सुनहु सखा कह कृपानिधाना । जेहिं जय होइ सो स्यंदन आना ।।सौरज धीरज
MP3 - मेरी महारानी वरदानी , धन्य धन्य विंध्याचल रानी - सौ. मीरा वर्मा मेरी महारानी वरदानी किधन्य धन्य विंध्याचल रानी ॥देवी पहाड़ों के ऊपर, एक मंदिर बना खासाजहां जगदम्बे, का वासा ॥मेरी महारानी वरदानी किधन्य धन्य विंध्याचल रानी ॥देवी तले बहे गंगा, गंगा निर्मल पानी,नहाये मेरी आदि शक्ति रानी ॥मेरी महारानी वरदानी किधन्य धन्य विंध्याचल रानी ॥देवी चंदन की चौकी,
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