सद्‌गुरु हिन्दी

#484 -आनंद और दुःख का स्रोत आपके भीतर है |

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सद्‌गुरु समझाते हैं, कि इस धरती पर कोई भी दूसरा जीव खुश होना या दुखी होना नहीं चुन सकता। केवल इंसान को यह आजादी मिली है कि वो अपने भीतर आनंद या पीड़ा में से कुछ भी पैदा कर सकता है। वो कहते हैं कि अगर यह चुनाव सचेतन प्रक्रिया बन जाए, तो जाहिर है हर कोई आनंद को ही चुनेगा।

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